हिंदी जैसे विषय को जिसे आज के विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाती है कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
कला समेकित शिक्षा की सहायता से रूक्ष लगने वाले विषय भी बडे ही असानीसे तथा मनोरञ्जकता पूर्वक सिखाये जा सकते हैl शिक्षा क्षेत्र में यह बहुत ही प्रभावि माध्यम है l
कला समेकित शिक्षा से सीखने सिखाने के तरीकों को आसान व प्रभावशाली बनाया जा सकता है । कला समेकित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपने मनोभावों को बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकते हैं ।विभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों की विषय वस्तु के सीखने सिखाने के साथ कला को जोड़ देना ही कला समेकित शिक्षा है । कला अभिव्यक्ति के लिए भाषा प्रदान करती है । अपने विषय को पढ़ाते समय इसकी मदद से विषय को और रुचिकर बना कर पढ़ाने से कक्षा बालकेन्द्रित व आनन्ददायक बन जाएगी । इससे छात्रों को काफी लाभ होगा ।
कला समेकित शिक्षा से पठन-पाठन की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | इस शिक्षा पद्यति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मन के भावों को और भी अत्यधिक रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगे| विभिन्न विषयों को बोझिल न समझकर आनन्दपूर्वक सीखेंगे| पठान-पाठन उनके लिए रुचिकर तथा आनन्ददायक प्रक्रिया होगी| अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होगा| इस तरह कला समेकित शिक्षा हर तरह से विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगी |
हिंदी जैसे विषय को जिसे आज के विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाती है कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
कला समेकित शिक्षण से हिन्दी भाषा की कक्षा रुचिकर हो जाती है। विज्ञान की तरह हिन्दी में प्रयोग नहीं होते इसलिए इसे विज्ञान की तरह रोचक बनाने में कला समेकित शिक्षा बहुत उपयोगी है।
हिंदी या अन्य भाषा और उसके साहित्य को छात्रों के लिए रोचक बनाने में तथा मूल्य शिक्षा में कला समेकित शिक्षा बहुत ही लाभदायी है । इससे विभिन्न बौद्धिक स्तर वाले छात्रों के लिए अधिगम सरल हो जाता है ।
निश्चित रूप से यह शिक्षण को, अधिगम को रोचक बनती है। कला समेकित शिक्षा से पठन-पाठन की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | इस शिक्षा पद्यति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मन के भावों को और भी अत्यधिक रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगे| विभिन्न विषयों को बोझिल न समझकर आनन्दपूर्वक सीखेंगे| पठान-पाठन उनके लिए रुचिकर तथा आनन्ददायक प्रक्रिया होगी|
कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
कला समेकित शिक्षाअर्थात कला के माध्यम से सीखना। । इसके माध्यम से सीखने- सिखाने की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | छात्र अपने मन के भावों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त कर सकेंगे ।
कला समेकित शिक्षा से पठन-पाठन की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | इस शिक्षा पद्यति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मन के भावों को और भी अत्यधिक रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगे| विभिन्न विषयों को बोझिल न समझकर आनन्दपूर्वक सीखेंगे| पठन-पाठन उनके लिए रुचिकर तथा आनन्ददायक प्रक्रिया होगी| अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होगा| इस तरह कला समेकित शिक्षा हर तरह से विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगी |
जिन बच्चों को पुस्तको की भाषा समझने में मुश्किल होती है उन्हें कला के द्वारा पढ़ाना एक वरदान है। कला सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और सरल माध्यम है अतः कला समेकित शिक्षा द्वारा पाठ्यक्रम बच्चों को जल्दी समझ में आता है। जीन विषय को विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाने में कला समेकित शिक्षा एक महत्वपूर्ण योगदान देता है ।कला समेकित शिक्षा द्वारा विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| और बच्चों का उन विषयों की ओर ध्यान आकर्षित होकर उन्हें ज्ञान की प्राप्ति होने में मदद मिलती है।
कला सीखने सिखाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण माध्यम है अतः कला समेकित शिक्षा पाठ्यक्रमों का अनिवार्य अंग होना चाहिए। जिससे छात्रों में समझ विकसित की जा सके
नीलम नरवाल कला समेकित शिक्षा से अध्ययन को विद्यार्थियों के लिए अनेक रुचिकर गतिविधियों के माध्यम से आनंदायक बनाया जा सकता है | इसके माध्यम से छात्रों में अभिव्यक्ति का विकास होगा तथा शिक्षण उनके लिए बोझ न होकर रुचिकर होगा |
विभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों की विषय वस्तु के सीखने सिखाने के साथ कला को जोड़ देना ही कला समेकित शिक्षा है । कला अभिव्यक्ति के लिए भाषा प्रदान करती है । अपने विषय को पढ़ाते समय इसकी मदद से विषय को और रुचिकर बना कर पढ़ाने से कक्षा बालकेन्द्रित व आनन्ददायक बन जाएगी । इससे छात्रों को काफी लाभ होगा ।
हिंदी जैसे विषय को जिसे आज के विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाती है कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
कला समेकित शिक्षा की सहायता से रूक्ष लगने वाले विषय भी बडे ही असानीसे तथा मनोरञ्जकता पूर्वक सिखाये जा सकते हैl शिक्षा क्षेत्र में यह बहुत ही प्रभावि माध्यम है l
कला नीरसता को समाप्त कर विषयों में रस घोल देते हैं जिससे ग्रहण करना सहज हो जाता है। छात्र मूर्त रूप से संबंधित हो जाते हैं। भाषा शिक्षक के बतौर भाषा मुखरित हो जाती है।
प्रिंट और नॉन प्रिंट मीडिया दोनों में प्रचलित विज्ञापनों को देखिए इनमें पुरूषों और महिलाओं को किस प्रकार चित्रित किया गया है और विज्ञापनों में उनके द्वारा किए जाने वाले क्रियाकलापों का विश्लेषण करने का प्रयास कीजिए (संकेतः देखिए कि वे किन उत्पादों का प्रचार कर रहे हैं, और किस प्रकार की भूमिका निभा रहे हैं,इत्यादि)। अपने अवलोकनों को साझा कीजिए।
‘ खिलौना आधारित शिक्षाशास्त्र ’ को लागू करने की प्रक्रिया में कई खिलौने बनाए जाते हैं। कक्षा - सत्र के बाद आप सभी बनाए गए खिलौनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे कर सकते हैं ?
कला समेकित शिक्षा अनुभव आपके विषयों को सीखने में
ReplyDeleteहिंदी जैसे विषय को जिसे आज के विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाती है कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
DeleteIt's really intresting...due to which students easily understood the concept and enjoyed a lot...
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा की सहायता से रूक्ष लगने वाले विषय भी बडे ही असानीसे तथा मनोरञ्जकता पूर्वक सिखाये जा सकते हैl शिक्षा क्षेत्र में यह बहुत ही प्रभावि माध्यम है l
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा मनोरंजन के साथ सीखने में लाभदायक है
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से कठिन विषय भी आसान हो जाते हैं एवं प्रत्येक छात्र रुचिपूर्वक पढ़ता है
ReplyDeletesunita dubey
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से कठिन विषय भी आसान हो जाते हैं एवं प्रत्येक छात्र रुचिपूर्वक पढ़ता है
विषय को रुचिकर और आसान बनाता है
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से सीखने सिखाने के तरीकों को आसान व प्रभावशाली बनाया जा सकता है । कला समेकित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपने मनोभावों को बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकते हैं ।विभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों की विषय वस्तु के सीखने सिखाने के साथ कला को जोड़ देना ही कला समेकित शिक्षा है । कला अभिव्यक्ति के लिए भाषा प्रदान करती है । अपने विषय को पढ़ाते समय इसकी मदद से विषय को और रुचिकर बना कर पढ़ाने से कक्षा बालकेन्द्रित व आनन्ददायक बन जाएगी । इससे छात्रों को काफी लाभ होगा ।
ReplyDeleteविषय को रुचिकर और आसान बनाता है l छात्र उत्साह के साथ कार्य पूरा करते हैं l
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से पठन-पाठन की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | इस शिक्षा पद्यति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मन के भावों को और भी अत्यधिक रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगे| विभिन्न विषयों को बोझिल न समझकर आनन्दपूर्वक सीखेंगे| पठान-पाठन उनके लिए रुचिकर तथा आनन्ददायक प्रक्रिया होगी| अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होगा| इस तरह कला समेकित शिक्षा हर तरह से विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगी |
ReplyDeleteहिंदी जैसे विषय को जिसे आज के विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाती है कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
ReplyDeleteसमेकित शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के मौलिक चिंतन कौशल को बढ़ाने में अत्यंत ही उपयोगी है ।
ReplyDeleteसमेकित शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के सभी कौशल को निखारने में उपयोगी है ।
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षण से हिन्दी भाषा की कक्षा रुचिकर हो जाती है। विज्ञान की तरह हिन्दी में प्रयोग नहीं होते इसलिए इसे विज्ञान की तरह रोचक बनाने में कला समेकित शिक्षा बहुत उपयोगी है।
ReplyDeleteसही है
ReplyDeleteहिंदी या अन्य भाषा और उसके साहित्य को छात्रों के लिए रोचक बनाने में तथा मूल्य शिक्षा में कला समेकित शिक्षा बहुत ही लाभदायी है । इससे विभिन्न बौद्धिक स्तर वाले छात्रों के लिए अधिगम सरल हो जाता है ।
ReplyDeleteनिश्चित रूप से यह शिक्षण को, अधिगम को रोचक बनती है। कला समेकित शिक्षा से पठन-पाठन की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | इस शिक्षा पद्यति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मन के भावों को और भी अत्यधिक रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगे| विभिन्न विषयों को बोझिल न समझकर आनन्दपूर्वक सीखेंगे| पठान-पाठन उनके लिए रुचिकर तथा आनन्ददायक प्रक्रिया होगी|
ReplyDeleteसरल और रुचि कर बनाता है
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
ReplyDeleteकठिनता से सरलता की ओर ले जाना ही मुख्य उद्देश्य है
ReplyDeleteकठिनता से सरलता की ओर ले जाना ही कला समेकित शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य है इससे बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति का गुण विकसित होता है
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षाअर्थात कला के माध्यम से सीखना। । इसके माध्यम से सीखने- सिखाने की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | छात्र अपने मन के भावों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त कर सकेंगे ।
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से पठन-पाठन की प्रक्रिया को सहज, सरल,रुचिकर एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है | इस शिक्षा पद्यति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मन के भावों को और भी अत्यधिक रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगे| विभिन्न विषयों को बोझिल न समझकर आनन्दपूर्वक सीखेंगे| पठन-पाठन उनके लिए रुचिकर तथा आनन्ददायक प्रक्रिया होगी| अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होगा| इस तरह कला समेकित शिक्षा हर तरह से विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगी |
ReplyDeleteकला सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण माध्यम है अतः कला समेकित शिक्षा पाठ्यक्रमों का अनिवार्य अंग होना चाहिए
ReplyDeleteजिन बच्चों को पुस्तको की भाषा समझने में मुश्किल होती है उन्हें कला के द्वारा पढ़ाना एक वरदान है। कला सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और सरल माध्यम है अतः कला समेकित शिक्षा द्वारा पाठ्यक्रम बच्चों को जल्दी समझ में आता है।
ReplyDeleteजीन विषय को विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाने में कला समेकित शिक्षा एक महत्वपूर्ण योगदान देता है ।कला समेकित शिक्षा द्वारा विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| और बच्चों का उन विषयों की ओर ध्यान आकर्षित होकर उन्हें ज्ञान की प्राप्ति होने में मदद मिलती है।
कला सीखने सिखाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण माध्यम है अतः कला समेकित शिक्षा पाठ्यक्रमों का अनिवार्य अंग होना चाहिए। जिससे छात्रों में समझ विकसित की जा सके
ReplyDeleteCan understand easily
ReplyDeleteVery very interesting this activity students enjoying
ReplyDeleteअति उत्तम
ReplyDeleteआज की तारीख में हिंदी की महत्ता कम होती जा रही है.. लेकिन इस विधि के माध्यम से बच्चे अच्छे से शिख सकेंगे क्यों कि अब उसमें रुचि जागृत होंगी
ReplyDeleteअचछा है ,पर हिन्दी को उसके चरम तक पहुँचाने हेतु पर्याप्त नहीं।
ReplyDeleteनीलम नरवाल
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से अध्ययन को विद्यार्थियों के लिए अनेक रुचिकर गतिविधियों के माध्यम से आनंदायक बनाया जा सकता है | इसके माध्यम से छात्रों में अभिव्यक्ति का विकास होगा तथा शिक्षण उनके लिए बोझ न होकर रुचिकर होगा |
कला समेकित शिक्षा से अध्ययन और भी ज्यादा रुचिकर हो जाता हैं |
ReplyDeleteविभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों की विषय वस्तु के सीखने सिखाने के साथ कला को जोड़ देना ही कला समेकित शिक्षा है । कला अभिव्यक्ति के लिए भाषा प्रदान करती है । अपने विषय को पढ़ाते समय इसकी मदद से विषय को और रुचिकर बना कर पढ़ाने से कक्षा बालकेन्द्रित व आनन्ददायक बन जाएगी । इससे छात्रों को काफी लाभ होगा ।
ReplyDeleteहिंदी जैसे विषय को जिसे आज के विद्यार्थी पसंद नहीं करते,उसे रुचिकर और सरल-सहज बनाती है कला समेकित शिक्षा प्रणाली| विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है| अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है | विषय के प्रति रुझान बढ़ता है|
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा की सहायता से रूक्ष लगने वाले विषय भी बडे ही असानीसे तथा मनोरञ्जकता पूर्वक सिखाये जा सकते हैl शिक्षा क्षेत्र में यह बहुत ही प्रभावि माध्यम है l
ReplyDeleteकला नीरसता को समाप्त कर विषयों में रस घोल देते हैं जिससे ग्रहण करना सहज हो जाता है। छात्र मूर्त रूप से संबंधित हो जाते हैं। भाषा शिक्षक के बतौर भाषा मुखरित हो जाती है।
ReplyDeleteकला समेकित शिक्षा से कठिन विषय भी आसान हो जाते हैं एवं प्रत्येक छात्र रुचिपूर्वक पढ़ता है
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