कोर्स 05 गतिविधि 5 : सहपाठियों की भूमिका - अपने विचार साझा करें
अपने किशोरावस्था के वर्षों के बारे में सोचें जब आपने अपने दोस्तों द्वारा मज़ेदार लागने वाली चीजों को करने की कोशिश की, जैसे चोरी करना, ड्रग्स लेना या धूम्रपान करना। ऐसीस्थिति में आपने क्या किया? आपके विचार, भावनाएं और रणनीतियां क्या थीं?
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अपने किशोरावस्था के वर्षों के बारे में
ReplyDeleteसहपाठी और सह मित्र हमारी हमराज होते हैं उनके साथ बिताया गया समय सपनों की पूंजी होती है हर अच्छी बुरी बात के वह हमसफ़र रहते हैं दोस्तों के साथ मिलकर हर कठिन से कठिन कार्य भी आसान लगने लगता है फिर चाहे वह साइकिल की दौड़ हो या कुछ समय चुरा कर सर्कस देखना हो या फिर अध्यापिका से ली गई अतिरिक्त पुस्तकों को चुप कर पढ़ना हो सब जायज होता है।
ReplyDeleteसही में सहेली से सब बात करते थे जो मॉ से नहीं कर पाते थे
ReplyDeleteमित्र हमारे हमसफर होते है | कई बाते ऐसी होती है जो हम अपने परिवार के साथ नहीं कर पाते वही बाते हम दोस्तों को खुलकर बताते है| वही दोस्त कठिन समय पर हमारा साथ देता है | मित्रता में कोई नियम नहीं होता , पर अच्छे मित्र के बिना जीवन नई होता है |
ReplyDeleteकिशोरावस्था में बहुत से सपने और बातें होती हैं जिन्हें माता-पिता से नहीं कह पाते ऐसे में मित्र बहुत अपने से लगते है| उनके साथ अपने मन की बातें साझा कर सकते है| यदि हम गलत होते हैं तो सच्चे मित्र मार्गदर्शन करते हैं | मेरी भी एक ही सच्ची सहेली है जो मेरी हमराज है | हर समय मेरी सहायता करने को तैयार रहती है, मै भी उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रही हूँ|
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ReplyDeleteऐसा कभी नहीं हुआ पर मुश्किल परिस्थितियों में अपने माता -पिता से सलाह मशवरा हमेशा किया ।
ReplyDeleteकिशोरावस्था में बहुत से सपने और बातें होती हैं जिन्हें माता-पिता से नहीं कह पाते ऐसे में मित्र बहुत अपने से लगते है| उनके साथ अपने मन की बातें साझा कर सकते है| यदि हम गलत होते हैं तो सच्चे मित्र मार्गदर्शन करते हैं |
ReplyDeleteमित्र हमारे हमसफर होते है | कई बाते ऐसी होती है जो हम अपने परिवार के साथ नहीं कर पाते वही बाते हम दोस्तों को खुलकर बताते है| परंतु मुश्किल परिस्थितियों में अपने माता -पिता से सलाह मशवरा हमेशा करते है I
ReplyDeleteमेरे साथ येसा कभी नहीं हुआ
ReplyDeleteमै अपने मित्रों से हमेंसा अच्छी बात करताहूं! वे भी बहुत अच्छे है
Nice👍
Deleteसहपाठी और सह मित्र हमारी हमराज होते हैं उनके साथ बिताया गया समय सपनों की पूंजी होती है हर अच्छी बुरी बात के वह हमसफ़र रहते हैं दोस्तों के साथ मिलकर हर कठिन से कठिन कार्य भी आसान लगने लगता है फिर चाहे वह साइकिल की दौड़ हो या कुछ समय चुरा कर सर्कस देखना हो या फिर अध्यापिका से ली गई अतिरिक्त पुस्तकों को चुप कर पढ़ना हो सब जायज होता है।
ReplyDeleteमित्र हमारे हमसफर होते है | कई बाते ऐसी होती है जो हम अपने परिवार के साथ नहीं कर पाते वही बाते हम दोस्तों को खुलकर बताते है| वही दोस्त कठिन समय पर हमारा साथ देता है | मित्रता में कोई नियम नहीं होता , पर अच्छे मित्र के बिना जीवन नई होता है |
मैं सौभाग्यशाली हूँ कि किशोरावस्था के दौरान मैं ऐसी किसी अवांछित गतिविधि में शामिल नहीं हुआ ।
ReplyDeleteदोस्त ही जीवन का यहां हिस्सा होते थे |
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